लव जिहाद ट्रेनों में :- हिन्दुत्व जागरूकता
लव जिहाद ट्रेनों में :-
आमतौर पर ट्रेनों में पुरुष और महिलाओं का कभी न कभी आँख मटक्का हो ही जाता है ये सब जानते हैं । तो इसी बीच अनेकों मुसलमान लफंगे भी हाथों में कलावा, गले में रुद्राक्ष या कोई देवी देवता का लाकेट पहनकर बोगियों में हिन्दू लड़कियों को निहारते हैं और कई लड़कियाँ पट भी जाति हैं । परन्तु इसमें विशेष बात ये है कि कई आरक्षित बोगियां स्लीपर, ऐसी आदि में मुसलमान लड़के रेकी करते रहते हैं कि कौन सी सुंदर हिन्दू महिला या लड़की अकेली और लम्बी यात्रा कर रही हो और उसने कहाँ पर सीट आरक्षित करवा रखी हो । तो ये मुस्लिम लफंगे उस डिब्बे की सीट को चिह्नित करके उसके आसपास की सीटों को टीटी को अधिक पैसे रिश्वत में देकर आरक्षित करवा लेते हैं जो यात्री उन सीटों पर होते हैं उनको कहीं और सीटें टीटी से कहकर दिलवा देते हैं । मुसलमानों ने हर छोटे बड़े स्टेशन पर पहले से ही अपना एक जाल बुना हुआ होता है जो कि पास की मस्जिदों से संचालित होता है । तो लड़की के आसपास की सीटों पर आरक्षित होकर ये लफंगे लड़की से मीठी मीठी बातें करते हैं उसका नाम पता आदि पूछते हैं उसके बारे में बातों ही बातों में उसके स्टेशन की जानकारी लेते हैं । ये लफंगे हिन्दू लड़की की हद से ज्यादा सहायता करते हैं कभी उसके लिए अपने पैसों से चाय बिस्कुट लेकर आना, कभी उसकी पानी की बोतल भरना, उसके सामान का बहुत ही ध्यान रखना, कभी हँसी मजाक करते रहना । और सामान्य परिवार की हिन्दू लड़की तो वैसे ही दिमाग से पैदल होती है झट से पिघल जाती है । तो बड़ी आसानी से वो लड़की उन लफंगों के सामने ऐसे आत्मसमर्पण कर देती है जैसे मानो कि वे लोग उसके परिवार वाले ही हों । तो वही लफंगे किसी न किसी स्टेशन पर थोड़ा टहलने के बहाने लड़की को राजी करते हैं और अपने नेटवर्क जो कि उस स्टेशन पर पहले से ही तैयार होता है उनकी सहायता से लड़की को कोई दवा सूंघा कर बेहोश करके उसी स्टेशन से गायब कर लेते हैं । और ऐसे ही कितनी महिलाएँ और लड़कियाँ अब तक गायब हो चुकी हैं जिनका कोई अता पता नहीं लगा । जिनका पता लगा वे एक एक खुलासा करती हैं और अपने ऊपर बीती हर बात बताती हैं । और बताती हैं कि उनके साथ कैसे कैसे कितने लोगों ने सामूहिक बलात्कार किए ।


